हाजिरी माफी वह प्रार्थना पत्र होता है जिसमें अधिवक्ता द्वारा अपने पक्षकार (अभियुक्त, परिवादी, याची, विपक्षी आदि) के न्यायालय में अनुपस्थित होने पर अनुपस्थिति का उचित कारण दर्शाते हुए लिखित रूप में दिया जाता हैं एवं यह प्रार्थना की जाती है कि पक्षकार की हाजिरी माफ करते हुए अधिवक्ता की उपस्थिति में आज की न्यायिक कार्यवाही करने की कृपा की जाये।
न्यायालय में हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र क्यों दिया जाता है?
न्यायालय में हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र इसलिए दिया जाता है ताकि (अभियुक्त, परिवादी, याची, विपक्षी आदि) अपनी गैर हाजिरी के लिए न्यायालय से छूट प्राप्त कर सकें, और उनके अनुपस्थिति होने के कारण उक्त मामले में उनके विरुद्ध कोई आदेश पारित न किया जाए।
मजिस्ट्रेट कोर्ट में हाजिरी माफी - मजिस्ट्रेट न्यायालय में अभियुक्त की हाजिरी माफी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 355 के अंतर्गत दी जाती हैं।
सेशन कोर्ट में हाजिरी माफी - सेशन न्यायालय में अभियुक्त की हाजिरी माफी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 317 के अंतर्गत दी जाती हैं।
हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र -
(रू)
न्यायालय श्रीमान _____________________________
मु.नं. - सन् -
सरकार बनाम Xxxxx
धारा - Xxxxx
थाना - Xxxxx
महोदय,
निवेदन है कि उक्त वाद में प्रार्थी को अभियुक्त बनाया गया है। प्रार्थी आज अस्वस्थ होने के कारण न्यायालय में आज नहीं हो सका है। ऐसी स्थिति में प्रार्थी की आज की हाजिरी माफ की जानी न्यायहित में आवश्यक है।
अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि प्रार्थी की आज की गैर हजिरी माफ कर जरिए अधिवक्ता मानने करने की कृपा करें। श्रीमान जी की अति कृपा होगी।
दिनांक - प्रार्थी / अभियुक्त
Xxxxx
द्वारा - अधिवक्ता
हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र का प्रारूप -
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